आज़ादी का पर्व हर वर्ष
आता है हमें दोहरवाने को।
मूल्य जो कभी कम पड़े थे
उनको ऊँचा उठवाने को।
ऊँची-नीची लहरों में भी
समतल चलते जाने को।
प्रेम प्यार और हँसी-खुशी से
जीवन लहर लहराने को।
अपनेपन का बीज हर एक
मन में बोते जाने को।
स्वार्थ का कूड़ा छींट-फटककर
जीवन से हटवाने को।
छुद्र विचारों को धो पोंछकर
उन्हें महान बनाने को।
कपट,भेद,जाति के फंदों से
खुद को आज़ाद करवाने को।
राज की नीति की सिलवटों को
परे हटा,देश-हित मनवाने को।
पल्लवी गोयल
चित्र साभार गूगल
परतंत्र भारत को स्वतंत्रता की परिणति तक पहुँचाने वाले सभी अनाम स्वतंत्रता सेनानियों के उत्सर्ग को सादर नमन!
आप सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳

नमन है सभी अनाम स्वतंत्रता सेनानियों को।
जवाब देंहटाएंदेशभक्ति से परिपूर्ण बहुत सुंदर रचना।
सादर।
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जी नमस्ते,
आपकी लिखी रचना मंगलवार १८ अगस्त २०२६ के लिए साझा की गयी है
पांच लिंकों का आनंद पर...
आप भी सादर आमंत्रित हैं।
सादर
धन्यवाद।
स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ
जवाब देंहटाएंबहुत खूब, सुन्दर रचना
जवाब देंहटाएंस्वतंत्रता दिवस की बधाई व शुभकामनाएँ !
सादर !