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बुधवार, 19 अगस्त 2026

आज का दरबार

 


गीदड़ों के झुंड ने कब्जा किया है मकानों पर,

बन बैठे हैं राजा, मानो हैं आसमानों पर।

​बोलते हैं यूँ कि मानो वह हैं प्यारे मेमने से,

दुनिया है जालिम और वे हैं बिल्कुल छौने से।

​बातें करते हैं यूँ जो मानो वही हरदम सही,

इसी धोखे में रखकर सबको वे जमाते अपनी दही।

​यह बैठते राजा के पीछे, उन्हीं से उनका मान सजता,

वहीं से उनकी तूती बोलती, वहीं से उनका गाला बजता।

​झूठ की चादर, झूठ के आवरणों में सजता इनका दरबार,

सत्य का अस्तित्व ही होता यहां नकार,

न्याय की दुहाई की न यहां कोई टंकार,

घंटे पर लगे हैं इनके पहरे, इनकी सरकार है,

गिद्धों को रखा है इन्होंने नौकरी पर,

मजाल किसी की जो मंडराए उनके द्वारों पर।

पंजाबी गोयल 

चित्र साभार गूगल

शुक्रवार, 14 अगस्त 2026

आज़ादी: एक निरंतर संकल्प

 


आज़ादी का पर्व हर वर्ष 

आता है हमें दोहरवाने को।


मूल्य जो कभी कम पड़े थे

उनको ऊँचा उठवाने को।


ऊँची-नीची लहरों में भी

समतल चलते जाने को।


प्रेम प्यार और हँसी-खुशी से

जीवन लहर लहराने को।


अपनेपन का बीज हर एक 

मन में बोते जाने को।


स्वार्थ का कूड़ा छींट-फटककर

जीवन से हटवाने को।


छुद्र विचारों को धो पोंछकर 

उन्हें महान बनाने को।


कपट,भेद,जाति के फंदों से

खुद को आज़ाद करवाने को।


राज की नीति की सिलवटों को 

परे हटा,देश-हित मनवाने को।


पल्लवी गोयल

चित्र साभार गूगल


परतंत्र भारत को स्वतंत्रता की परिणति तक पहुँचाने वाले सभी अनाम स्वतंत्रता सेनानियों के उत्सर्ग को सादर नमन!

​आप सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳