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शुक्रवार, 5 जुलाई 2019

गौर करें, फरमाया है -


गौर करें, फरमाया है -
बारिश का यह मौसम
मुझे बड़ा भाया है
आप बताएं क्या आपको
भी यह रास आया है ?

बादलों की रेस ने
मुझे बड़ा हर्षाया है
 जरा नजरें उठाएं
क्या आपको भी
कुछ नजर आया है?

बूँदों के  लहराते नृत्य ने
 मन को भी नचाया है
नृत्य  के इस समारोह ने
आपके मन को क्या बताया है?

झरझर टपटप का बेताला संगीत 
खिड़कियों से गुजर आया है
क्या आपके घर में भी इसने
आपको ऐसे ही तरसाया  है-

गर्म चाय की चुस्कियों  के बीच
ठंडे पानी ने मुझे सिहराया है।
आपका क्या हाल है जनाब
 क्या आपने ये आनंद उठाया है ?

सवालों पर जरा नज़र फिराइए
जवाबों को यहाँ  तुरंत  दोहराइए ।

पल्लवी गोयल
चित्र गूगल से साभार 

8 टिप्‍पणियां:

  1. जी नमस्ते,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (07 -07-2019) को "जिन खोजा तिन पाईंयाँ " (चर्चा अंक- 3389) पर भी होगी।

    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    आप भी सादर आमंत्रित है

    ….
    अनीता सैनी

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    उत्तर
    1. महोदया,
      रचना को शामिल करने के लिए आभार व्यक्त करती हूँ ।
      सादर ।

      हटाएं
  2. बहुत सुंदर प्रस्तुति पल्लवी जी
    मोहक सरस।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. आदरणीया,
      सराहना के लिए हृदय से आभार ।
      सादर ।

      हटाएं
  3. बारिश का सुंदर एहसास कराती खूबसूरत रचना।

    जवाब देंहटाएं