समर्थक

शनिवार, 12 मई 2018

एक तस्वीर

  


गुलाबी से इस शहर में 

गुलाबी सा नशा है उनका भी 

रात बीतती है इंतजार में उनके

और दिन ख्वाब  में उनके ही 

बंद आंखों में नशा  ए इज़हार है  

खुली आंखों में दीदार ए इंतजार उनका ही

 ना वफा की उम्मीद ,ना दगा का डर 

बस दिल में रखी  एक तस्वीर सी उनकी ही ।

पल्लवी गोयल 
चित्र गूगल से साभार